भारत के धार्मिक इतिहास के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए— (1) सौत्रांतिक और सम्मितीय जैन मत के संप्रदाय थे। (2) सर्वास्तिवादियों की मान्यता थी कि दृश्यविषय (फिनोमेना) के अवयव पूर्णतः क्षणिक नहीं हैं, अपितु अस्तित्व के रूप से सदैव विद्यमान रहते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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A. केवल 1
B. केवल 2
C. 1 और 2 दोनों
D. न तो 1, न ही 2