‘जोगी मार, हाथ में छार’ कहावत का भावार्थ है–
Choose Your Option
A. निर्बल को मारने से कोई लाभ नहीं
B. जोगी को मारने से मारने वाले का जीवन राख हो जाता है
C. जोगी अपने हाथ में राख लेकर भी सबको मार सकता है
D. जब गरीब को सताया जाता है तब प्रतिक्रिया बहुत तीखी होती है