‘जाके पाँव न फटे बिवाई सो क्या जाने पीर पराई’ का अर्थ है–
Choose Your Option
A. दयालु होना
B. कठोर होना
C. जिसके ऊपर बीतती है वही जानता है
D. दूसरे के कष्ट का अनुभव करना