मौर्यकालीन न्याय व्यवस्था के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए (1) न्यायालय दो प्रकार के थे – धर्मस्थीय और कंटकशोधन। (2) धर्मस्थीय दीवानी न्यायालय थे। (3) कंटकशोधन फौजदारी न्यायालय थे।
Choose Your Option
A. 1 और 2
B. 1 और 3
C. 2 और 3
D. 1, 2 और 3